भर दे रे श्याम झोली भर दे एक अत्यंत भावपूर्ण और लोकप्रिय कृष्ण भजन है, जिसमें भक्त भगवान श्रीकृष्ण से अपनी झोली कृपा, प्रेम और आशीर्वाद से भरने की प्रार्थना करता है। यह भजन श्रद्धा, विश्वास और पूर्ण समर्पण की भावना को दर्शाता है। भजन की पंक्तियाँ भक्त के मन की पीड़ा, आशा और भरोसे को सरल शब्दों में प्रकट करती हैं। मंदिरों, सत्संग, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों में यह भजन विशेष रूप से गाया जाता है। इसकी मधुर धुन और भावनात्मक शब्द श्रोताओं के मन को छू लेते हैं और कृष्ण भक्ति में लीन कर देते हैं। यही कारण है कि यह भजन आज भी भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है।

भरदे रे श्याम झोली भरदे लिरिक्स
भरदे रे श्याम झोली भरदे,
भरदे, ना बहला ओ बातों में,
ना बहला ओ, बातों में ॥
दिन बीते बीती रातें,
अपनी कितनी हुई रे मुलाकातें,
तुझे जाना पहचाना,
तेरे झूठे हुए रे सारे वादे,
भूले रे श्याम तुम तो भूले,
क्या रखा है बातों में,
भर दे रे श्याम झोली भरदे ॥
नादान है अनजान हैं,
श्याम तू ही मेरा भगवान है,
तुझे चाहूं तुझे पाऊं,
मेरे दिल का यही अरमान है,
पढ़ ले रे श्याम दिल की पढ़ले,
सब लिखा है आंखों में,
भरदे रे श्याम झोली भरदे ॥
मेरी नैया ओ कन्हैया,
पार करदे तू बनके खिवैया,
मैं तो हारा, गम का मारा,
आजा आजा ओ बंशी के बजैया,
लेले रे श्याम अब तो लेले,
लेले, मेरा हाथ हाथों में,
भर दे रे श्याम झोली भरदे ॥
मैं हूं तेरा तू है मेरा,
मैंने डाला तेरे दर पे डेरा,
मुझे आस है विश्वास है,
श्याम भर देगा दामन तु मेरा,
झूमें रे श्याम नन्दू झूमें,
झूमें, तेरी बांहों में,
भर दे रे श्याम झोली भरदे ॥
भरदे रे श्याम झोली भरदे,
भरदे, ना बहला ओ बातों में,
ना बहला ओ, बातों में ॥
FAQ
1. भर दे रे श्याम झोली भर दे भजन किससे संबंधित है?
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण (श्याम) से संबंधित है, जिसमें भक्त उनसे कृपा, आशीर्वाद और जीवन की कमी को पूर्ण करने की प्रार्थना करता है।
2. यह भजन कहाँ और कब गाया जाता है?
यह भजन मंदिरों, सत्संग, भजन-कीर्तन, एकादशी, जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक आयोजनों में श्रद्धा के साथ गाया जाता है।
3. भर दे रे श्याम झोली भर दे भजन का मुख्य भाव क्या है?
इस भजन का मुख्य भाव भक्ति, विश्वास और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण को दर्शाता है, जहाँ भक्त अपनी झोली प्रभु की कृपा से भरने की कामना करता है।
